हरियाणा की झांकी में गीता का उपदेश देते नजर आए भगवान कृष्ण, खिलाड़ियों की भी 'जय-जयकार'

गणतंत्र दिवस के मौके पर बढ़ा हरियाणा का गौरव ।


कर्तव्य पथ पर स्मृद्ध हरियाणा, विरासत और विकास की थीम पर तैयार, हरियाणा की झांकी में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिकता के साथ बढ़ता हरियाणा प्रदर्शित किया गया।

साथ ही झांकी में भगवान श्री कृष्ण के गीता के ज्ञान और खेलों का पावर हाउस हरियाणा की झलक ने सभी का मन मोह लिया।

2025 में गणतंत्र दिवस अवसर पर दिल्ली के  कर्तव्य पथ पर हरियाणा की झांकी निकाली गई, जिसमें प्रदेश के तकनीकी विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दर्शाया गया। इस झांकी में सबसे पहले अर्जुन को गीता का उपदेश दे रहे भगवान कृष्ण दिखाई दिए। इसमें कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर का दृश्य दिखाया गया, जहां पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के समय श्रीमद्भागवत गीता का संदेश दिया था।


साथ ही इसके पीछे एक हरियाणवी बैलगाड़ी थी, जिसमें चमड़े की जूतियां, सरकंडा शिल्प, चोप, बाग, पंजा दरी, फुलकारी और रेवाड़ी के पीतल बर्तन, सुराही व मिट्टी के बर्तन की झलक देखने को मिली। झांकी के बीच में एक बुजुर्ग व्यक्ति को लैपटॉप पर काम करते हुए दिखाया गया और उनके पास में एक बच्चा भी दिखाई दिया, इसके माध्यम से तकनीकी के क्षेत्र में की गई प्रगति को दर्शाया गया।


झांकी में आखिरी भाग में गुरुग्राम की ऊंची-ऊंची बिल्डिंग दर्शाई गई। इसके ऊपर पांच खिलाड़ी लाइव दिखे, जिन्होंने पैरालंपिक में मेडल जीतकर हरियाणा का नाम पूरी दुनिया में उजागर किया है। दुनिया में खेले जाने वाले ओलंपिक, पैरालंपिक और अन्तर्राष्ट्रीय खेलों में देश के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों में हरियाणा का बड़ा योगदान होता है।


प्रस्तुत झांकी ने हरियाणवी संस्कृति की महानता और प्रदेश की विकास यात्रा को बखूबी प्रदर्शित किया। हरियाणा ने हर क्षेत्र में अपने नेतृत्व,समर्पण और विकास को प्रदर्शित करते हुए देश को गर्व महसूस कराया।